कोझिकोड , मार्च 26 -- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के बीच भारतीय जनता पार्टी-आरएसएस परिवार के संबंधों को लेकर चल रही जुबानी जंग गुरुवार को और तेज हो गयी जब श्री विजयन ने आरएसएस के कार्यक्रम में श्री सतीशन की भागीदारी पर सवाल उठाया।

यह जंग मुख्य रूप से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा(एलडीएफ) और भाजपा-आरएसएस के बीच किसी गुप्त गठजोड़ या सौदे के आरोपों पर केंद्रित रही। श्री विजयन ने आज 2006 की एक तस्वीर साझा की, जिसमें श्री सतीशन अपने परवूर निर्वाचन क्षेत्र में गुरुजी गोलवलकर की जन्म शताब्दी समारोह का उद्घाटन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इस तस्वीर के साथ ही इस सौदे के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।

मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर आरएसएस के कार्यक्रम में श्री सतीशन की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्ष केरल की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि 2006 में अपने परवूर निर्वाचन क्षेत्र में माधव सदाशिव गोलवलकर शताब्दी समारोह में अपनी भागीदारी को लेकर उनका (श्री सतीशन) का क्या जवाब है। उन्होंने श्री सतीशन को चुनौती दी कि वह स्पष्ट करें कि आखिर ऐसा कौन सा सौदा हुआ था, जिसके लिए वह अपने परवूर निर्वाचन क्षेत्र के मनक्कापाडी स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

विपक्ष के नेता सतीशन को संबोधित करते हुए श्री विजयन ने पूछा, "विपक्ष के नेता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किस 'सौदे' के चलते वह इस उद्घाटन समारोह में शामिल हुए और गोलवलकर की तस्वीर के सामने नतमस्तक हुए तथा औपचारिक दीप प्रज्वलित किया।"वर्ष 2006 के गोलवलकर शताब्दी समारोह में अपनी भागीदारी को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा की गई आलोचना का जवाब देते हुए श्री सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान कि आरएसएस से लड़ाई केवल माकपा ने लड़ी है और इसमें कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं थी, केरल की जनता इसे पूरी तरह से खारिज कर देगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित