नयी दिल्ली , जनवरी 10 -- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने सही निर्णय लेने की क्षमता को युवाओं की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा है किदेश को विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए उन्हें दूरदर्शी, अनुशासित और क्रियान्वयन-उन्मुख निर्णय प्रक्रिया अपनानी होगी।
श्री डोभाल ने शनिवार को यहां 'विकसित भारत यंग लीडर्स डॉयलाग' के दूसरे संस्करण के उद्घाटन के अवसर पर अपने युवावस्था के अनुभवों को साझा करते हुए व्यक्ति के जीवन और राष्ट्र की दिशा तय करने में निर्णय लेने की केंद्रीय भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन की गति और दिशा प्रतिदिन लिए जाने वाले निर्णयों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। उन्होंने युवा नेतृत्व से आग्रह किया कि वह कम उम्र से ही इस क्षमता को सचेत रूप से विकसित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी शक्ति सही निर्णय लेने की क्षमता में निहित है और यदि भारत को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाना है तो उन्हें दूरदर्शी, अनुशासित और क्रियान्वयन-उन्मुख निर्णय प्रक्रिया अपनानी होगी। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान दिए गए बलिदानों को भी स्मरण किया और एक सशक्त एवं आत्मविश्वासी राष्ट्र के निर्माण के लिए इतिहास से सीख लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रेरणा अस्थायी होती है जबकि अनुशासन स्थायी होता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अनुशासन को दैनिक प्रेरणा में बदलें और बिना विलंब के कार्य करें। उन्होंने युवाओं से स्वयं पर विश्वास रखने का आह्वान किया और अपने निर्णयों के प्रति पांच वर्षों की प्रतिबद्धता अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि समय के साथ अडिग इच्छाशक्ति व्यक्ति को अजेय बनाती है।
श्री डोभाल ने संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान युवा प्रतिभागियों से बातचीत भी की और दबाव में काम करने तथा महत्वपूर्ण परिस्थितियों में सही निर्णय लेने से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
युवा और खेल मामलों के मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने प्रतिभागियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए इस पहल को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक क्विज़ दौर में लगभग 50 लाख युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से तीन लाख युवाओं को दस चिन्हित विषयगत 'ट्रैकों' में से किसी एक पर निबंध प्रस्तुत करने के लिए चुना गया। इन निबंधों का मूल्यांकन प्रतिष्ठित प्रोफेसरों द्वारा किया गया, जिसके बाद राज्य स्तर पर 30,000 युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए चुना गया।
उन्होंने कहा कि इस समूह में से अंततः 3,000 युवा नेताओं का चयन किया गया, जिन्हें अपने विचारों को और परिष्कृत करने तथा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारत की यात्रा का नेतृत्व करने के लिए युवा भारतीयों पर अपार विश्वास व्यक्त किया है और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर वे कई घंटे युवा नेताओं के साथ सीधे संवाद करेंगे तथा उनके विचारों को सुनेंगे।
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