नयी दिल्ली , दिसंबर 18 -- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम (मनरेगा)के स्थान पर नया कानून लाने के प्रावधान वाले विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक, 2025 पर राज्यसभा में गुरुवार को आठ घंटे की चर्चा होगी।

सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज परमाणु ऊर्जा से जुड़े शांति विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान सदन को बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक को गुरुवार की पूरक कार्यसूची में शामिल किया गया है और इस पर आज ही चर्चा की जायेगी। चर्चा के लिए आठ घंटे का समय तय किया गया है और इसलिए सदस्यों को आज देर तक बैठना पड़ेगा।

विपक्ष के सदस्यों ने नियम 33(1) का हवाला देते हुए बिना कार्य मंत्रणा समिति में तय किये इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा कराने का विरोध किया। तृणमूल कांग्रेस के नदीमुल हक ने कहा कि बिना कार्य मंत्रणा समिति में तय किये इस पर कैसे चर्चा करायी जा सकती है।

श्री राधाकृष्णन ने पहले कई विधेयकों को बिना कार्य मंत्रणा समिति के विचार के सदन में चर्चा के लिए रखने के उदाहरण देते हुए कहा कि परंपरा के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

इसके बाद भी विपक्ष का विरोध जारी रहने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि एक बार सभापति ने कह दिया है तो सभी को उसका पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस पर चार घंटे की चर्चा चाहती थी, लेकिन कुछ सदस्यों की मांग थी कि लोकसभा की तरह यहां भी आठ घंटे की चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सदस्यों को रात में अच्छे खाने के इंतजाम का आश्वासन दिया।

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