रायपुर , जनवरी 25 -- ) छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत-2047 की संकल्पना को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को समुचित रोजगार उपलब्ध कराना इस योजना का मूल उद्देश्य है और इसी संकल्पना को पूरा करने के लिए यह योजना लाई गई है।

भाजपा किसान मोर्चा द्वारा रविवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषक सभागार में आयोजित वीबी-जी-राम-जी सम्मेलन को संबोधित करते हुए रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ और रोजगार के नाम पर लोगों से छलावा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में काम करने वाले लोगों को समय पर भुगतान तक नहीं किया गया। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के रोजगार के साथ ही सात दिनों के भीतर भुगतान की सुविधा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के समग्र विकास और भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से इस योजना का क्रियान्वयन किया है।

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 लाया गया है, जो देश के गांवों को विकसित बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाला है। मनरेगा में जहां 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। मजदूरी भुगतान सात दिनों के भीतर किया जाएगा, जिससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।

उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के अंतर्गत चार प्रमुख क्षेत्रों-जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन-पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास जैसी गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

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