दंतेवाड़ा , मार्च 18 -- केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने "माय भारत" के सहयोग से राष्ट्रव्यापी डिजिटल अभियान "विकसित भारत-जी राम जी युवा डिजिटल अभियान" की शुरुआत की है।

इस अभियान के तहत क्विज, वीडियो चैलेंज और रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से देशभर के युवा डिजिटल जन-आंदोलन से जुड़ सकेंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य "विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) जी राम जी अधिनियम, 2025" के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाना है।

जिला पीआरओ से आज मिली जानकारी के अनुसार अभियान के तहत छह मार्च से "60 सेकेंड फॉर माय विलेज" नामक राष्ट्रीय स्तर की शॉर्ट वीडियो, रील और एनिमेटेड वीडियो प्रतियोगिता शुरू की गई है। यह प्रतियोगिता युवाओं को अपने गांव के विकास, रोजगार सृजन एवं आजीविका संवर्धन में इस अधिनियम की भूमिका को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगी। इसमें 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकेंगे। प्रतिभागी किसी भी भारतीय भाषा में 30 से 60 सेकंड की अवधि का वीडियो तैयार कर "माय भारत" पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।

जिला दंतेवाड़ा के जनपद पंचायत दंतेवाड़ा, गीदम, कटेकल्याण एवं कुआकोण्डा के ग्राम पंचायतों में इस अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतियोगिता आयोजित कर ग्रामीण युवाओं एवं शिक्षित नागरिकों को जोड़ा जा रहा है। योजना का प्रचार-प्रसार और ग्रामीणों को योजना की समस्त जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मैदानी अमले के अधिकारी एवं कर्मचारी जोर-शोर से लगे हैं।

इस अभियान से "युवा शक्ति, पंचायत की प्रगति" की भावना के साथ ग्रामीण भारत के समग्र विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। सभी पात्र प्रतिभागियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। उत्कृष्ट वीडियो का चयन विषय संबद्धता, रचनात्मकता, मौलिकता, तकनीकी गुणवत्ता, प्रभाव एवं दिशानिर्देशों के पालन के आधार पर किया जाएगा। विजेताओं को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार के साथ-साथ केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद का अवसर प्राप्त होगा।

इस संबंध में युवा भागीदारी के लिए क्यूआर कोड स्कैन किया जा सकता है या mybharat.gov.in पर विजिट किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि "विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025" ग्रामीण रोजगार नीति में क्रांतिकारी बदलाव लाता है। यह ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों की मजदूरी रोजगार गारंटी देता है। सशक्तिकरण, समावेशी विकास एवं योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से यह ग्रामीण आजीविका का विस्तार कर समृद्ध, सक्षम एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का निर्माण करेगा।

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