चंडीगढ़ , जनवरी 05 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) कानून, 2025 यानी जी राम जी अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रष्टाचार मुक्त रोजगार की गारंटी देता है। यह नया कानून अधिक कार्यदिवस, बढ़ी मजदूरी, पारदर्शी भुगतान प्रणाली और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को सुनिश्चित करता है।
सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश परिवारों के लिए ऐतिहासिक कदम है। इस कानून के माध्यम से मनरेगा में मौजूद खामियों और भ्रष्टाचार को दूर किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानून के तहत रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे श्रमिकों की गारंटीशुदा आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। देशभर में इससे एक ग्रामीण अकुशल श्रमिक की वार्षिक आय में औसतन सात हजार रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी, जबकि हरियाणा में मजदूरी दर अधिक होने के कारण यह लाभ कम से कम 10 हजार रुपये तक होगा।
उन्होंने बताया कि योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने इस वर्ष एक लाख 51 हजार 282 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हरियाणा में योजना के तहत 52 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के श्रमिकों और 65 प्रतिशत से अधिक महिला श्रमिकों को वास्तविक रूप से काम मिला है, जबकि पहले मशीनों के उपयोग के कारण श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल पाता था।
उन्होंने बताया कि अब योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संसाधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाली स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों की योजनाओं को पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान से जोड़ा गया है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, डायरेक्ट डिजिटल भुगतान, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी और सार्वजनिक खुलासे जैसे तकनीकी उपाय लागू किए गए हैं। साथ ही सात दिन की समय सीमा में शिकायत निवारण की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जी राम जी एक्ट ग्रामीण रोजगार योजना को भ्रष्टाचार का अड्डा बनने से रोककर, इसे विकास का प्रभावी माध्यम बनाएगा।
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