नोएडा , मार्च 28 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोयडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ करते हुए इसे "विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश" अभियान का मील का पत्थर बताया।

इस अवसर पर उन्होंने एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण किया और 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधा का शिलान्यास भी किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह एयरपोर्ट केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत के लिए लॉजिस्टिक गेटवे के रूप में कार्य करेगा, जिससे निवेश, व्यापार और निर्यात को नई गति मिलेगी। उन्होने कहा कि यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद और बुलंदशहर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास का नया द्वार खोलेगा। इससे किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा युवाओं को व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने स्थानीय किसानों के योगदान को सराहते हुए कहा कि उनकी भूमि के कारण ही यह परियोजना साकार हो सकी है और अब कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। प्रधानमंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट मल्टी मोडल कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण होगा, जहां सड़क, रेल और हवाई परिवहन का निर्बाध समन्वय सुनिश्चित किया गया है। कार्गो हब प्रारंभिक चरण में 2.5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता के साथ कार्य करेगा, जिसे भविष्य में 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जाएगा।

श्री मोदी ने कहा कि वर्तमान में भारत के लगभग 85 प्रतिशत विमान एमआरओ सेवाओं के लिए विदेश भेजे जाते हैं, जिससे भारी व्यय होता है। जेवर में बनने वाली यह सुविधा देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एयरपोर्ट नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और अब यह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। वर्ष 2003 में स्वीकृत यह परियोजना लंबे समय तक लंबित रही, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से इसे गति मिली और आज यह धरातल पर उतर सकी है।

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