मिर्जापुर , मार्च 27 -- मां विंध्यवासिनी के जयकारे के साथ विंध्याचल बासंतिक नवरात्र मेला शुक्रवार को यहां समाप्त हो गया। नौ दिन के नवरात्र मेले में इस बार रिकार्ड तोड 41 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने देवी की अभ्यर्थना की । नौ दिन से यहां डेरा जमाए पुरोहित पंडित मां विंध्यवासिनी के बीज मंत्र के आह्वान के साथ विधिवत हवन पूजन कर अपने अनुष्ठान को पूरे किए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नवरात्र मेले में 41 लाख से अधिक दर्शनार्थियों ने विंध्य क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन कर पूजन किए। अभी फाइनल डाटा नही है ।यह संख्या अभी बढ़ेगी ।इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। भीड़ का वेग कम होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

चौदह वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले मेले में एक अलग दृश्य रहा। विंध्य पर्वत के त्रिकोण पथ पर चहल-पहल अब थम गया है। मां काली एवं सरस्वती स्वरूपा मां अष्टभुजा देवी के धाम में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत बहुत कम हो गई है। अब तक गुलजार सीता कुंड एवं गेरुहवा में अब निरसता पसरा है।

नवरात्र के पावन पर्व पर धाम में नौ दिन से डेरा जमा कर देवी पाठ के लिए जुटे पुरोहित पंडितों ने हवन कुंड में सांकल डाल हवन पूरा कर अपने अपने घर की ओर प्रस्थान कर गए। वहीं धर्मादा काम में लगे पंडाल भी उजड़ने लगे हैं। साथ साथ ही सड़क के किनारे अस्थाई दुकानदार अपनी अपनी दुकानें समेटने लगे हैं। दर्शनार्थियों को हीट बेब से बचने के लिए लगे अस्थाई शामियाना हटने लगे हैं ।भंडारो के स्टाल हट चुके हैं। भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा में कोई ढील नही दी है।

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