देहरादून , फरवरी 09 -- राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा का 29 वाँ स्थापना दिवस उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हर्षोल्लास से सम्पन्न हुआ। इस दौरान, सनातंन एवं हिंदू धर्म की रक्षा में वाल्मीकि समाज के समर्पण की आस्था, सफाई कर्मचारियों के पद बहाल करने एवं कट ऑफ बढ़ाने एवं आरक्षण में वर्गीकरण शीघ्र लागू करने की माँग का प्रस्ताव पारित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने ही श्री राम की पहचान कराई। वाल्मीकि समाज सदैव हिंदुत्व का सच्चा रक्षक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण कर वाल्मीकि समाज को वास्तविक सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक समरस्ता की पक्षधर है, जबकि अन्य विपक्षी दल केवल दिखावा करते हैं।
मोर्चा के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष दर्जाधारी राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि वाल्मीकि समाज हिंदुत्व को समर्पित समाज है। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं उत्तराखंड की भाजपा नीत सरकार ने वाल्मीकि समाज के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजना चालू की। उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, आरक्षण में वर्गीकरण शीघ्र लागू करने की माँग की।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग में नव नियुक्त सर्वेक्षण एवं निगरानी समिति सदस्यों व भाजपा में नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर और अन्य उपस्थित अतिथियों को पगड़ी एवं बुके से सम्मानित किया गया। अध्यक्षता मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र केसला एवं संचालन राष्ट्रीय महामंत्री विशाल बिड़ला ने किया।
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