बैतूल , नवम्बर 18 -- जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए बैतूल जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित छठवें नेशनल वाटर अवॉर्ड समारोह में बैतूल जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षत जैन को "जल संचय जन भागीदारी अवॉर्ड" से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान जिले को जल शक्ति अभियान के अंतर्गत संचालित नवाचार आधारित कार्यक्रम में वेस्टर्न जोन में तीसरा स्थान प्राप्त होने पर प्रदान किया गया है। सम्मान स्वरूप केंद्र सरकार द्वारा बैतूल जिले को 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। इस अवसर पर मनरेगा परियोजना अधिकारी संजय यादव भी उपस्थित रहे।

जिले में 1 अप्रैल 2024 से 31 मई 2025 के बीच कुल 13,499 जल संरक्षण कार्यों का स्थल पर सत्यापन किया गया, जो पूर्ण रूप से क्रियान्वित पाए गए। इन कार्यों में खेत तालाब, स्टॉप डैम, कंटूर ट्रेंच, सोखपीट, चेक डैम, कपिलधारा और तालाबों के सौंदर्यीकरण जैसी संरचनाएं शामिल रहीं।

बैतूल जिला प्रशासन ने जल संरक्षण के लिए जनसहभागिता पर आधारित व्यापक रणनीति अपनाई। उद्योगों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों और आम नागरिकों की सहभागिता से बड़े पैमाने पर कृत्रिम रिचार्ज संरचनाएं निर्मित की गईं और पुराने जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया गया। गांव-गांव में वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप बैतूल जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

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