वाराणसी , जनवरी 9 -- उत्तर प्रदेश में वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के दयालपुर गांव में 25 दिसंबर को बालक समीर सिंह की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गोलीकांड में रामू यादव नामक व्यक्ति घायल हो गया था।
पुलिस उपायुक्त गोमती जोन आकाश पटेल ने मामले का खुलासा करते हुए शुक्रवार को बताया कि तीन अभियुक्तों को बड़ागांव पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। हत्याकांड के मामले को सुलझाने में पुलिस टीम द्वारा सौ से ज्यादा लोगों से पूछताछ और सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
श्री पटेल ने बताया कि मामले की विवेचना अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी। मृतक एवं घायल व्यक्ति में आपस में कोई संबंध नहीं था। अतः दोनों को गोली मारने का कोई एक स्पष्ट कारण सामने नहीं आ रहा था। घायल द्वारा अपराधियों को पहचाना नहीं गया था। उन्होंने अचानक झगड़ा होने की बात बताई थी लेकिन गांव के इतने अंदरूनी मार्ग पर बाहरी व्यक्तियों की उपस्थिति का कारण स्पष्ट नहीं हो रहा था।
ग्राम पंचायतों द्वारा लगाए गए कैमरों की संख्या पर्याप्त थी, मगर ये सभी कैमरे सोलर आधारित थे एवं घटना से पहले लगातार चार दिन धूप न निकलने के कारण घटना वाले दिन ये सभी कैमरे बंद हो गए थे। इस प्रकार घटना के संबंध में कोई मोटिव सामने नहीं आ पा रहा था। लगभग 100 सीसीटीवी कैमरे देखे गए। 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का विस्तृत उपयोग किया गया। इसके बाद भी शुरुआत में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आ पा रहा था।
शुक्रवार को घटना में संलिप्त करन प्रजापति (21), प्रेमशंकर पटेल (30) और शुभम मौर्य उर्फ लालू मौर्य को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। बाकी अन्य पांच साथियों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, तीनों अभियुक्तों ने उगापुर में साथियों के साथ जमकर शराब पी। उसके बाद सभी बदमाश दो मोटरसाइकिलों पर वापस साधोगंज की ओर जा रहे थे और दयालपुर गांव में एक बाग के पास पेशाब करने के लिए रुके। यहीं अभियुक्तों के साथी आकाश पाल के पैर में पीछे से आ रही एक गाड़ी, जिस पर दो लोग सवार थे, चढ़ गई, जिस पर आकाश ने उन लोगों को पीटना शुरू कर दिया।
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