नयी दिल्ली , जनवरी 22 -- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-ग्रेप की उप-समिति ने वायु गुणवत्ता और पूर्वानुमान में सुधार के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप-3 के प्रतिबंध को हटा दिया है।
दिल्ली के औसत वायु प्रदूषण में गिरावट के बाद उप-समिति ने 16 जनवरी को ग्रेप-3 को लागू किया था और उसके बाद, दिल्ली की वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार औसत सुधार 20 जनवरी को 378 से सुधरकर 21 जनवरी को 330 और 22 जनवरी को 322 पर आ गया। इस सुधार को देखते हुए और मौसम विज्ञान विभाग तथा उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के वायु गुणवत्ता और मौसम संबंधी पूर्वानुमानों को देखते हुए उप-समिति ने स्थिति की समीक्षा की जिसमें सुधार पाये जाने के बाद गुरुवार की बैठक में ग्रेप-3 हटाने का निर्णय लिया।
उप समिति ने ताजा प्रदूषण माप, विभिन्न विभागों की रिपोर्ट तथा प्रदूषण में आ रही कमी के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए प्रदूषण संकट से जुड़ी सभी तरह की रोक को हटा दिया है। एक्सन से जुड़ी गत नवंबर की मौजूदा अनुसूची के चरण दो तथा एक के तहत सभी कार्रवाइयां लागू रहेंगी और पूरे एनसीआर में संबंधित सभी एजेंसियों द्वारा लागू, निगरानी और समीक्षा की जाएंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आने वाले दिनों में वायु प्रदूषण का स्तर और न बढ़े। एनसीआर में कार्रवाई के तीसरे चरण को फिर से लागू करने की आवश्यकता से बचने के लिए एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की बुधवार को 124वीं बैठक हुई जिसमें सात जनवरी से 19 जनवरी के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में की गई निरीक्षण एवं प्रवर्तन संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस अवधि के दौरान, आयोग के उड़न दस्तों ने उद्योग, डीजल जनरेटर सेट, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) संबंधी गतिविधियों, सड़क की धूल और बायोमास जलाने एवं नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) जमा होने या जलाने सहित वायु प्रदूषण के मुख्य क्षेत्रों का व्यापक पैमाने पर निरीक्षण किया।
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