बेंगलुरु , जनवरी 04 -- वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने रविवार को कहा कि बदलती सुरक्षा चुनौतियों के सामने भारतीय वायु सेना (आईएएफ़) को अभियानों के लिये तैयार रखने के लिये स्वदेशी लड़ाकू विमानों की समय पर डिलीवरी बहुत ज़रूरी है।

एयरबोर्न सिस्टम्स सेंटर (सीएबीएस) में एरोनॉटिकल विकास एजेंसी (एडीए) की ओर से आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार 'एरोनॉटिक्स 2047' के उद्घाटन समारोह में उन्होंने हल्के लड़ाकू विमान तेजस की उड़ानों के 25 साल पूरे होने पर एडीए को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि निर्माण और आपूर्ति को समय पर पूरा करना भारतीय वायु सेना की युद्ध की तैयारी बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज के बदलते सुरक्षा माहौल में, अभियान के लिये तैयार रहना सिर्फ़ आधुनिक तकनीक पर ही नहीं, बल्कि उसे बिना किसी देरी के असरदार तरीके से इस्तेमाल करने की क्षमता पर भी निर्भर करता है।

उन्होंने कहा, "तेजस जैसे स्वदेशी विमान को समय पर शामिल करना हवाई श्रेष्ठता बनाए रखने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है।"सेमिनार में रक्षा विशेषज्ञ, शिक्षाविद और रक्षा उद्योग से जुड़े लोग मौजूद रहे। सेमिनार में उभरती हुई वायुयान तकनीक, अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान डिजाइन, डिजिटल उत्पादन और एआई के इस्तेमाल जैसे विषयों पर ध्यान दिया गया।

एडीए ने 100 से ज़्यादा डिजाइन केंद्रों के योगदान से तेजस को तैयार किया है। इसमें सरकारी लैब्स, अकादमिक संस्थान और औद्योगिक साझेदार शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि एमके1ए वेरिएंट वायुसेना की अभियान क्षमता को मजबूत करेगा, जबकि एमके-2 और 'नेवी' अभी तैयार हो रहे हैं।

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