वाराणसी , फरवरी 28 -- वाराणसी में रंगभरी एकादशी के अवसर पर शुक्रवार को दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा में तैनात पुलिस ने एक महिला पत्रकार से बदसलूकी की तथा बटुक वेश में एक बालक के बाल पकड़कर खींच दिया। रंगभरी एकादशी के दिन धाम में दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। उत्सव के कवरेज के लिए पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया था। एक स्थानीय महिला पत्रकार का आरोप है कि वह अपने सहयोगी के साथ गेट नंबर चार पर पहुंचीं और संस्थान का परिचय-पत्र दिखाया, इसके बावजूद उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन द्वारा सूचित किए जाने की जानकारी देने पर भी अनुमति नहीं मिली। आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनके सहयोगी को धक्का दिया और विरोध करने पर उनके साथ भी अभद्रता की गई।

दूसरे वायरल वीडियो में धाम परिसर में प्रवेश कर रहे बटुक वेशधारी एक बालक को पुलिसकर्मी बाल पकड़कर खींचते हुए दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि बालक रंगभरी एकादशी के उत्सव में शामिल होने जा रहा था। हालांकि उसकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।

इस संबंध में पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) गौरव बंशवाल ने कहा कि जिन पत्रकारों के पास संस्थान का आई-कार्ड था, उन्हें अनुमति दी गई थी। उन्होंने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को पहले से निर्देशित किया गया था कि किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार न किया जाए। यदि इस प्रकार की कोई घटना सामने आती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दोनों वायरल प्रकरणों की जांच की जा रही है।

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