तिरुवनंतपुरम , जनवरी 02 -- केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने समाज सुधारक मन्नाथु पद्मनाभन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानताओं के विरुद्ध संगठित संघर्ष का नेतृत्व कर आधुनिक केरल की नींव रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने संदेश में श्री पद्मनाभन को केरल पुनर्जागरण का एक महान स्तंभ बताया और कहा कि उनके आदर्श आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि श्री पद्मनाभन ने सामाजिक सुधार आंदोलन को एक ऐसी शक्ति में बदल दिया जिसने समाज में व्यापक बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया।

श्री विजयन ने वर्ष 1924 के प्रसिद्ध 'वायकोम सत्याग्रह' का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री पद्मनाभन के प्रयासों से ही यह आंदोलन एक व्यापक जन आंदोलन बन सका, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के लिए समान अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करना था। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि एक नवंबर 1924 को श्री पद्मनाभन ने वायकोम से तिरुवनंतपुरम तक ऐतिहासिक पदयात्रा निकाली ताकि सत्याग्रह के पक्ष में जनमत तैयार किया जा सके। इस पदयात्रा के बाद लगभग 25 हजार लोगों के हस्ताक्षर वाला एक मांग पत्र सौंपा गया था, जिसमें वायकोम महादेव मंदिर की सड़कों को सभी के लिए खोलने की मांग की गई थी।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वायकोम सत्याग्रह की सफलता केरल के सामाजिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इसमें श्री पद्मनाभन का नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण था।

उन्होंने वर्तमान परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब कुछ विभाजनकारी ताकतें समाज में नफरत फैलाकर प्रगति को बाधित करने की कोशिश कर रही हैं, तब श्री पद्मनाभन के आदर्शों की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है।

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