हैदराबाद , फरवरी 08 -- तेलंगाना में वामपंथी दलों ने श्रमिकों और आम जनता से 12 फरवरी को निर्धारित राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है और श्रमिक संघों के घोषित विरोध को पूरा समर्थन दिया है।
वामपंथी दलों ने रविवार को यहां जारी बयान में कहा कि हड़ताल का आयोजन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से लाये गये चार श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग को लेकर की जा रही है। दलों ने आरोप लगाया कि ये मजदूर विरोधी और कॉर्पोरेट के पक्ष में हैं।
उन्होंने बिजली संशोधन अधिनियम 2025, वीबी जी राम जी अधिनियम, बीज संशोधन विधेयक को वापस लेने की भी मांग की और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी जाने वाली नीति को भी वापस लेने की मांग की। वामपंथी दलों ने इन्हें जनविरोधी करार दिया है।
दलों ने आरोप लगाया कि 29 मौजूदा श्रम कानूनों की वापसी और चार नये श्रम संहिताओं की पेशकश से श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभों जैसे ईएसआई, पीएफ, ग्रेच्युटी और पेंशन से वंचित किया जायेगा, साथ ही कई राज्यों में नौकरी की सुरक्षा में कमी आयेगी और काम के घंटों में वृद्धि होगी।
उन्होंने दावा किया कि बिजली संशोधन विधेयक के परिणामस्वरूप बिजली की दरें बढ़ जायेंगी और स्मार्ट मीटर लगाने व 'क्रॉस-सब्सिडी' को समाप्त करने से किसानों और गरीबों को मिलने वाली मुफ्त एवं रियायती बिजली पर संकट खड़ा हो जायेगा, साथ ही यह संघीय सिद्धांतों को भी कमजोर करेगा।
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