नयी दिल्ली , जनवरी 04 -- देश के पांच प्रमुख वामपंथी दलों ने अमेरिकी दादागिरी के खिलाफ देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

रविवार को इन दलों ने एक बयान जारी कर वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमले और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स के 'अपहरण' की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला बताया।

वामपंथी दलों ने बताया कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए एक 'संप्रभु देश पर सीधा हमला' किया है। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को 'संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की हालिया टिप्पणियों ने हमले के पीछे के मकसद को उजागर कर दिया है।

उन्होंने कहा, "हम वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स के अपहरण की कड़ी निंदा करते हैं। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन करते हुए एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ किया गया हमला है।"वामपंथी दलों ने राष्ट्रपति ट्रम्प की हालिया टिप्पणी की ओर इशारा किया जिसमें उन्होंने वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा करने की बात कही है। वामपंथियों ने इसे साम्राज्यवादी इरादे का सबूत बताया। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की टिप्पणियों की भी जाेरदार आलाेचना की, जिसमें उन्होंने क्यूबा और मैक्सिको को अमेरिकी कार्रवाई का अगला लक्ष्य बताया।

वामपंथी दलों ने कहा, "ये बयान अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति 2025 जारी होने के कुछ दिनों बाद आए हैं। यह स्पष्ट करते हैं कि अमेरिकी साम्राज्यवाद पूरी दुनिया पर अपना वर्चस्व थोपना चाहता है, भले ही इसके लिए सैन्य हमले करने पड़ें।" उन्होंने वाशिंगटन पर मोनरो सिद्धांत को थोपने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

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