जालंधर , अप्रैल 09 -- पंजाब में जालंधर के विभिन्न वामदलों ने गुरुवार को संयुक्त रूप से निर्णय लिया है कि आगामी 16 अप्रैल को 'देश भक्त यादगार हॉल, जालंधर' के बाबा ज्वाला सिंह ठठियां हॉल में एक संयुक्त प्रांतीय कन्वेंशन आयोजित की जाएगी और शहर में युद्ध विरोधी मार्च निकाला जाएगा।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), भारतीय इंकलाबी मार्क्सवादी पार्टी ( आरएमपीआई ), सी.पी.आई. (एम.एल.) न्यू डेमोक्रेसी, सी.पी.आई. (एम.एल.) लिबरेशन और एम.सी.पी.आई.-यू. के केंद्रीय एवं प्रांतीय नेताओं की एक संयुक्त बैठक स्थानीय शहीद साथी सरबण सिंह चीमा भवन में साथी राजबिंदर सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में साथी मंगत राम पासला, पृथ्वीपाल सिंह माड़ीमेघा, अजमेर सिंह समरा, सुरिंदर पाल शर्मा, किरनजीत सिंह सेखों, प्रो. जयपाल सिंह, कुलविंदर सिंह वड़ैच, महिपाल और गुरनाम सिंह दाऊद शामिल हुए।

बैठक में वाम नेताओं ने खाड़ी युद्ध को रोकने के लिए किए गए दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम का स्वागत किया, जिसने हजारों निर्दोषों की जान ली है और विशेष रूप से एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्ण और स्थायी युद्धविराम की जोरदार मांग की। बैठक में यह स्पष्ट राय व्यक्त की गई कि अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़ा गया "अन्यायपूर्ण युद्ध" वास्तव में ईरान सहित मध्य पूर्व के देशों के तेल-गैस भंडार और प्राकृतिक ओर मानवीय संसाधनों को हड़पने की एक पुरानी साम्राज्यवादी साजिश है।

इन नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि पीड़ित ईरान के साथ खड़े होने के बजाय अमेरिका-इजरायल का साथ देकर केंद्र की मोदी सरकार ने देश के स्वाभिमान को ताक पर रख दिया है, जिससे देशवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बैठक में यह राय बनी कि दबाव के कारण हुए युद्धविराम के बावजूद साम्राज्यवादी ताकतें, विशेष रूप से अमेरिका, अपने आंतरिक संकट का बोझ नए स्वतंत्र देशों पर डालने की मंशा से अपनी साजिशों से बाज नहीं आएगा। इसलिए, दुनिया को युद्धों से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ एक विशाल जन-आंदोलन छेड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

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