विजयवाड़ा , दिसंबर 10 -- आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव की उस टिप्पणी की निंदा की जिसमें उन्होंने कहा था कि पडेरू सरकारी मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटें समन्वय की कमी के कारण कम हो गईं।

वाईएसआरसीपी एनटीआर डिस्ट्रिक्ट डॉक्टर्स विंग के अध्यक्ष डॉ. अंबाती नागा राधाकृष्ण यादव ने बुधवार को खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यह कोई मामूली प्रशासनिक चूक नहीं है बल्कि सरकार की घोर लापरवाही की एक चौंकाने वाली और शर्मनाक स्वीकारोक्ति है, यह दर्शाता है कि सत्ताधारी दल चिकित्सा शिक्षा एवं जनजातीय स्वास्थ्य को कितने हल्के में ले रहा है।

डॉ. यादव ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि जनजातीय क्षेत्र के चिकित्सा कॉलेज में एमबीबीएस की बहुमूल्य सीटें केवल इसलिए हाथ से निकल गईं क्योंकि संबंधित अधिकारी समय पर प्रक्रिया एवं समन्वय को पूरा करने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि यह कोई तकनीकी मुद्दा नहीं है बल्कि यह स्पष्ट रूप से गैरजिम्मेदारी एवं आधिकारिक उदासीनता का मामला है, जिसने गरीब और योग्य छात्रों के साथ-साथ इस संस्थान पर निर्भर जनजातीय समुदायों को भी प्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि ये 50 एमबीबीएस सीटें केवल कागजों पर लिखे आंकड़े नहीं हैं बल्कि उन 50 छात्रों के भविष्य और करियर से संबंधित हैं जो डॉक्टर बनकर समाज की सेवा कर सकते थे। उन्होंने कहा कि एक पूरे बैच का नुकसान वर्षों तक महसूस किया जाएगा क्योंकि इससे राज्य उन 50 डॉक्टरों से वंचित हो जाएगा जिनकी तत्काल आवश्यकता है, विशेष रूप से दूरस्थ एवं कम सुविधाओं वाले क्षेत्रों में।

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