वाराणसी , जनवरी 2 -- वैश्विक पर्यटन केंद्र के रुप में विख्यात हो चुके वाराणसी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण के साथ गंगा घाटों, प्राचीन मंदिरों, सड़कों और चौराहों का जिस तरह से सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास हुआ है, इसका प्रमाण वर्ष 2025 में रिकार्ड सात करोड़ 26 लाख से अधिक पर्यटकों ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किये।
इसमें महाकुम्भ के पलट प्रवाह और महाशिवरात्रि के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सर्वधिक रही। वहीं नये साल का जश्न मनाने भी लाखों की संख्या में युवा काशी पहुंचे। वाराणसी में भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण और गंगा जी के घाटों और मंदिरों के जीर्णोद्धार के बाद काशी आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पर्यटन विभाग के अनुसार पिछले वर्ष 2025 में काशी में 7,26,76,780 पर्यटकों ने काशी के मनोरम घाटों और मंदिरों का दर्शन किया। इस आंकड़े में प्रयागराज महाकुंभ के 'पलट प्रवाह' के दौरान आए 2 करोड़ 87 लाख श्रद्धालुओं की संख्या भी शामिल है। जिन्होंने महाकुम्भ में त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान के बाद काशी विश्वनाथ के भी दर्शन किये। साथ ही महाशिवरात्रि पर्व और पवित्र सावन माह में काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन करने वालों की संख्या सर्वाधिक रही, जिसके लिए मंदिर प्रबंधन कमेटी और काशी प्रशासन ने विशेष इंतजाम किये थे।
योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में उठी सांस्कृतिक पुनर्जागरण की लहर ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी में धार्मिक स्थलों और तीर्थों के प्रति श्रद्धा में भी बढ़ोतरी की है। इसका जीवंत प्रमाण हमें नये साल के जश्न के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों पर उमड़ी अपार भीड़ के रूप में देखने को मिला। जहां 24 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 के दौरान 3075769 श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए।
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