नयी दिल्ली , जनवरी 01 -- केन्द्र सरकार की प्रायोजित परियोजनाओं के तहत वर्ष 2025 में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में 1,720 ग्रामीण सड़क परियोजनायें पूरी की गयीं, जिससे राष्ट्रीय और क्षेत्रीय संपर्क मज़बूत हुआ।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष के दौरान 8,693.54 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनायी गयीं, जिससे ग्रामीण, दूरदराज और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंच में काफी सुधार हुआ। इसी वर्ष 481 पुल निर्मित किये गये, जिससे संबंधित क्षेत्रों में पूरे साल के लिए संपर्क करना बेहतर हुआ। इससे नदी पार और मुश्किल इलाकों में आवाजाही आसान हुई। इस अवधि के दौरान सड़कों एवं पुलों के निर्माण पर 8,548.26 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया गया।इसके अतिरिक्त, राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा ग्रामीण सड़कों के रखरखाव पर 811 करोड़ रुपये व्यय किये गये। इससे परिसंपत्तियों की सतत उपयोग सुनिश्चित हुआ, सड़क आवागमन गुणवत्ता में सुधार हुआ तथा मौजूदा परिसंपत्तियों की सेवाकाल में वृद्धि हुई।

इस दौरान 536 सड़कों के पूरे होने तथा सड़क संपर्क में 1,736.25 किलोमीटर की वृद्धि के साथ तमिलनाडु शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा। हिमाचल प्रदेश ने 1,103.77 किलोमीटर सड़क लंबाई का सर्वाधिक कार्य पूर्ण कर पर्वतीय एवं चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में सशक्त प्रदर्शन का परिचय दिया।बिहार में सर्वाधिक 173 पुलों का निर्माण पूरा किया गया, जिससे बाढ़ बहुल क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

इस दौरान छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और झारखंड राज्य में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गयी। अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड जैसे सीमावर्ती, पर्वतीय एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में लक्षित आधारभूत संरचना विकास किया गया, जिससे क्षेत्रीय विकास एवं सामरिक संपर्क को सुदृढ़ समर्थन प्राप्त हुआ।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चरण (चतुर्थ) के अंतर्गत अब तक उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ तथा जम्मू-कश्मीर राज्यों के लिए कुल 5,436 किलोमीटर सड़क लंबाई की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

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