हैदराबाद , फरवरी 03 -- केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बीबीनगर में निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और कहा कि अस्पताल के इस वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। श्री रेड्डी ने कैंपस का निरीक्षण करने के बाद मीडिया को बताया कि एम्स बीबीनगर 202 एकड़ में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 750 बिस्तरों की क्षमता होगी और इसे आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत 1,110 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि अब तक 831 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और लगभग 86 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसकी विशेषता बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां देश के अधिकांश एम्स संस्थान ग्रीनफील्ड परियोजनाएं हैं, वहीं बीबीनगर देश का एकमात्र ब्राउनफील्ड एम्स है, जो वर्तमान में निर्माणाधीन है।
श्री रेड्डी ने बताया कि अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाए जा रहे हैं ताकि व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने जानकारी दी कि 1 जनवरी से आपातकालीन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जिनमें फिलहाल 220 बिस्तर उपलब्ध हैं, और निर्माण कार्य के बावजूद चिकित्सा सेवाएं बिना बाधा जारी हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए 24 मंजिला हॉस्टल भवन निर्माणाधीन हैं और अब तक 1,000 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती की जा चुकी है। वर्तमान में एम्स बीबीनगर में 880 छात्र चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें 497 एमबीबीएस, 146 स्नातकोत्तर विशेषज्ञ और 142 नर्सिंग छात्र शामिल हैं। बीएससी और एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम भी संचालित हो रहे हैं और छात्रों को यूजी व पीजी हॉस्टलों में आवास उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि चिकित्सा अनुसंधान गतिविधियां भी शुरू की जा रही हैं और प्रतिदिन लगभग 1,800 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों के लिए "अमृत निवास" नाम से विशेष आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
श्री रेड्डी ने कहा कि आयुष्मान भव और आरोग्य श्री योजनाओं के तहत निःशुल्क उपचार प्रदान किया जाएगा, जबकि अन्य के लिए नाममात्र शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एम्स बीबीनगर के पूरा होने से तेलंगाना की ग्रामीण आबादी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि एम्स के पास रेलवे स्टेशन स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और 450 करोड़ रुपये की एमएमटीएस फेज-द्वितीय परियोजना के तहत संस्थान के निकट एमएमटीएस स्टॉप भी बनेगा। उन्होंने कहा कि एम्स से जुड़े स्थानीय मुद्दों को वह मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे।
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