पन्ना , फरवरी 17 -- दशकों से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे पन्ना जिले के फुलवारी गांव की कहानी अब प्रेरणा का स्रोत बन गई है। वर्षा जल संचयन की पहल से गांव में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। जिन हैंडपंपों से जनवरी माह में पानी के स्थान पर हवा निकलने लगती थी, अब उनसे स्वच्छ और मीठा पानी मिल रहा है। खारे पानी की समस्या से भी ग्रामीणों को राहत मिली है। इस बदलाव से फुलवारी गांव अन्य जल संकटग्रस्त गांवों के लिए मिसाल बन गया है।
जिला मुख्यालय पन्ना से 38 किलोमीटर दूर स्थित फुलवारी गांव में 162 परिवार और लगभग 500 की आबादी निवास करती है। वर्षों से यहां पानी की कमी और खारेपन की समस्या बनी हुई थी। जनवरी से ही कुएं और बोरवेल सूखने लगते थे, जिसके कारण महिलाओं को ढाई किलोमीटर दूर इटवा तिलहा गांव से पानी लाना पड़ता था। पानी की समस्या गांव की पहचान बन चुकी थी। जनवरी 2025 में यहां जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल से जल योजना पर कार्य प्रारंभ हुआ।
सरकारी प्रयासों के साथ एक निजी संस्था समर्थन ने भी सहयोग किया। संस्था पन्ना जिले की 32 पंचायतों के 40 गांवों में जल जीवन मिशन और अटल भू-जल योजना के तहत कार्य कर रही है, जिनमें फुलवारी भी शामिल है। जल संकट को देखते हुए वर्षा जल संचयन की योजना बनाई गई और ग्रामीणों को इसके महत्व के प्रति जागरूक किया गया। प्रारंभ में यह कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि अधिकांश ग्रामीण मजदूरी के लिए सुबह ही गांव से निकल जाते थे। ऐसे में महिलाओं को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
समर्थन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. योगेश कुमार के अनुसार, शुरुआत में ग्रामीणों ने इस पहल को गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें लगा कि जल संचयन संरचना निर्माण व्यर्थ है और इससे कोई लाभ नहीं होगा। ब्लॉक समन्वयक कमल ने गांव की महिलाओं कविता, राखी और माया को जल मित्र बनाकर जागरूकता अभियान शुरू किया।
पहला सकारात्मक परिणाम तब मिला जब पंचायत की सहमति से गांव के स्कूल की छत पर वर्षा जल संचयन संरचना बनाई गई। पहले स्कूल का हैंडपंप दिसंबर-जनवरी में सूख जाता था, लेकिन छत से पाइप के माध्यम से वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था के बाद कुछ ही महीनों में हैंडपंप सालभर पानी देने लगा। सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह रहा कि पहले खारा पानी आता था, जबकि अब मीठा पानी मिलने लगा।
इस बदलाव ने ग्रामीणों की सोच बदल दी। जो लोग पहले संदेह में थे, वे अब स्वयं आगे आकर वर्षा जल संचयन अपनाने लगे हैं। जिले की विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों ने गांव का भ्रमण कर परिणामों को देखा और सरपंच कीर्ति बागरी तथा सचिव अखिलेश गर्ग से जानकारी प्राप्त की।
ग्राम पंचायत सचिव ने कहा कि उनका संकल्प फुलवारी गांव को पूरी तरह पानीदार बनाकर ग्रामीणों को स्वच्छ और मीठा पानी उपलब्ध कराना है। जनभागीदारी और समर्थन टीम के सहयोग से ग्राम पंचायत इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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