हैदराबाद , जनवरी 14 -- तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भोगी (बुधवार) और संक्रांति (गुरुवार) त्योहारों के अवसर पर प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं दीं।

श्री वर्मा अपने संदेश मेंभोगी और संक्रांति को समृद्धि, नवीनीकरण और खुशी का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भोगी जीवंत अलाव के साथ नयी शुरुआत का प्रतीक है जो पुरानी चीजों को छोड़ने और समृद्धि का स्वागत करने का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि संक्रांति रंग-बिरंगी पतंगबाजी, कोलाटम नृत्य और ताजे कटे धान, गन्ने और पारंपरिक तिल की मिठाइयों वाली सामुदायिक दावतों के साथ मनाई जाती है, जो राज्य की कृषि संस्कृति को दर्शाती है।

राज्यपाल ने कहा कि ये त्योहार लोगों की विरासत में गहरा महत्व रखते हैं और गांवों तथा कस्बों में उत्साह और उल्लास लाते हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि यह त्योहारी मौसम प्यार, स्नेह और सद्भाव के बंधन को मजबूत करेगा। उन्होंने तेलंगाना के हर घर के लिए अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और कल्याण की कामना की।

इस बीच श्री रेड्डी ने कामना की कि प्रदेश के सभी निवासी भोगी, संक्रांति और कनुमा को खुशी से मनाए, क्योंकि ये त्योहार समृद्धि और नयी शुरुआत का प्रतीक हैं। उन्होंने ने सरकार के इस संकल्प को दोहराया कि सभी कल्याण और विकास योजनाएं राज्य के हर परिवार तक पहुंचें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तेलंगाना कृषि के साथ-साथ उद्योगों, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में भी मजबूत प्रगति देखेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार तेलंगाना राइजिंग 2047 विजन को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से तेलुगु परंपराओं को बनाए रखते हुए संक्रांति मनाने का आग्रह किया। उन्होंने नागरिकों को पतंग उड़ाते समय आवश्यक सावधानी बरतने की भी सलाह दी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित