धुले , अप्रैल 06 -- महाराष्ट्र के धुले जिले में सोमवार को वरिष्ठ गांधीवादी राम धीरज सिंह को महाराष्ट्र विज्ञान समिति ने "जमनाबेन कुटमुटिया लोकसेवक पुरस्कार" से सम्मानित किया। उन्हें प्रशस्ति पत्र अंगवस्त्र के साथ 51 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई। यह सम्मान उन्हें समाजसेवा और गांधीवादी विचारों को बढ़ावा देने के लिए दिया गया।

श्री राम धीरज छात्र जीवन से ही सामाजिक-राजनीतिक और आंदोलनात्मक-रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े हैं। अपने युवाकाल में वह इंदिरा गांधी द्वारा लगाये गये आपातकाल के विरोध में जेल में रहे। जेल से बाहर आने पर जेपी-विनोबा के रास्ते पर चलकर समाज में बेहतरी का अलख जगाते रहे। नब्बे के दशक में आजादी बचाओ आंदोलन के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रभुत्व के खिलाफ संघर्ष किया।

श्री राम धीरज उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष और एक प्रमुख गांधीवादी कार्यकर्ता हैं, जो वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ से जुड़े हैं। वे महात्मा गांधी-विनोबा भावे और जयप्रकाश नारायण के विचारों का अनुसरण करते हुए रचनात्मक कार्यों, अहिंसक प्रतिरोध और जमीनी सामाजिक परिवर्तन के लिए सक्रिय हैं।

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