प्रयागराज , जनवरी 16 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भूतपूर्व प्रोफेसर ,वरिष्ठ आलोचक व कवि राजेंद्र कुमार का गुरुवार को ह्रदयगति रुकने के कारण निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे।
उन्होंने कमला नेहरू अस्पताल के आईसीयू में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। श्री कुमार का जन्म 24 जुलाई 1943 को कानपुर में हुआ था। प्रो. राजेंद्र कुमार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष रहे। उन्होंने 2001 से 2003 तक विभागाध्यक्ष के रूप में सेवाएं भी दीं थी। वह 2005 में रिटायर्ड हो गए थे। शिक्षा की दृष्टि से उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था। प्रो. राजेन्द्र कुमार कानपुर से रसायनशास्त्र में और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी में एमए किया था। उन्होंने वरिष्ठ आलोचक डॉ. रघुवंश के निर्देशन में डीफिल उपाधि भी प्राप्त की थी।
श्री कुमार एक गंभीर, लोकप्रिय अध्यापक, साहित्यिक अभिभावक और अदम्य जिजीविषा के धनी व्यक्तित्व थे। उनके चर्चित काव्य संग्रहों में ऋण गुणा ऋण, लोहा लक्कड़, हर कोशिश है एक बगावत और उदासी का ध्रुपद शामिल हैं। वहीं प्रतिबद्धता के बावजूद, कविता समय असमय, आलोचना आसपास, कथार्थ और यथार्थ तथा शब्द घड़ी में समय जैसी आलोचनात्मक कृतियां हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने अभिप्राय नामक साहित्यिक पत्रिका का प्रकाशन किया था। और बहुवचन पत्रिका के आठ अंकों का संपादन भी किया था।
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