बैतूल , जनवरी 1 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की चिचोली रेंज में अवैध वन कटाई की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सागौन जैसे बहुमूल्य वृक्षों पर तस्करों की लगातार नजर बनी हुई है, लेकिन इस बार वन विभाग की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पश्चिम बैतूल वनमंडल में वन विभाग ने अवैध सागौन कटाई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
वन संरक्षक बैतूल वृत्त सुश्री बासु कनौजिया के मार्गदर्शन एवं वनमंडलाधिकारी पश्चिम बैतूल श्री एल.के. वासनिक के निर्देशन में यह कार्रवाई चिचोली परिक्षेत्र के खामापुर वृत्त अंतर्गत ग्राम जाफरीमऊ के वन क्षेत्र में की गई। विभागीय जानकारी के अनुसार 29 दिसंबर की रात तस्करों द्वारा सुनियोजित तरीके से चार सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई की गई थी।
रात्रि उड़न दस्ते की सघन गश्त के दौरान कटे हुए वृक्षों की लकड़ी को मौके से बाहर ले जाने से पहले ही वन अमले ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया। इसी दौरान घटनास्थल के समीप एक संदिग्ध अल्टो वाहन को रोका गया। पूछताछ के दौरान वाहन चालक ने पहले गोलमोल जवाब दिए, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अवैध कटाई में संलिप्त होना स्वीकार कर लिया।
मुख्य आरोपी की पहचान अर्जुन यादव पिता मस्तराम यादव, निवासी ग्राम डोल के रूप में हुई है। वन विभाग ने आरोपी को भारतीय वन अधिनियम एवं वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी पूर्व में किसी अन्य वन अथवा वन्यजीव अपराध में संलिप्त रहा है या नहीं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चिचोली रेंज में अवैध कटाई की घटनाएं चिंता का विषय हैं, लेकिन विभाग ने वन अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए निगरानी और कार्रवाई को और तेज कर दिया है। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें। इस कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है और यह स्पष्ट संदेश गया है कि जंगल पर कुल्हाड़ी चलाने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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