नयी दिल्ली , दिसम्बर 09 -- कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह वंदे मातरम जैसी पवित्र रचना पर संसद में चर्चा कराने के नाम पर देश के सामने खड़ी चुनौतियों से लोगों का ध्यान भटकाने में लगी है और पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में वंदे मातरम पर चर्चा के नाम पर वोट हासिल करना चाहती है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को सदन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर विशेष चर्चा में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इन आरोपों को भी गलत बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने वंदे मातरम के कुछ पदों का हटा दिया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही वंदे मातरम को आजादी का गान बनाया था और संसद में इसका गायन शुरू किया था। उन्होंने कहा कि देश को एकसूत्र में जोड़ने वाले वंदे मातरम का इस तरह इस्तेमाल अनुचित है।
श्री खरगे ने कहा कि डेढ सौ वर्ष बाद वंदे मातरम पर विवाद खड़ा कर श्री नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसी महान हस्तियों को बदनाम किया जा रहा है और श्री मोदी को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक ओर देश अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है दूसरी ओर श्री मोदी हमेशा चुनावी मोड में रहते हैं और अब वह इन चुनौतियों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वंदे मातरम पर चर्चा का मुद्दा ले आये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पश्चिम बंगाल विधानसभा के आगामी चुनावों में वोट हासिल करने के लिए यह मुद्दा लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इसके बजाय चुनौतियों का समाधान खोजना चाहिए।
विपक्ष के नेता ने कहा कि श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्री नेहरू तथा कांग्रेस नेताओं के अपमान का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के कुछ पदों को हटाने का निर्णय कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक में सामूहिक रूप से लिया गया था। इस बैठक में सभी बड़े नेता शामिल थे तो अकेले श्री नेहरू को ही क्यों बदनाम किया जाये।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और हिन्दू महासभा ने कभी भी आजादी के आंदोलनों में हिस्सा नहीं लिया बल्कि अंग्रेजों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल में जब हिन्दू महासभा और मुस्लिम लीग ने मिलकर सरकार बनाई उस सयम भाजपा तथा संघ की देशभक्ति कहां गयी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को वंदे मातरम की याद 15 दशक के बाद आयी है जबकि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए वंदे मातरम के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर पहला स्मारक डाक टिकट और पोस्ट कार्ड जारी किया था। श्री खरगे ने डाॅलर की तुलना में रूपये के निरंतर गिरने और 90 के स्तर पर पहुंचने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि सरकार के भ्रष्ट होने के कारण रूपये में गिरावट हो रही है। उन्होंने कहा कि क्या अब यह माना जाये कि मोदी सरकार में भी इन्हीं कारणों से रूपया गिर रहा है। उन्होंने विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की नीतियों के कारण 1971 के बाद से बंगलादेश पहली बार पाकिस्तान के निकट जा रहा है। पड़ोसी देश चीन के प्रभाव में आ रहे हैं। सत्ता पक्ष के सदस्यों के हंगामे के बीच उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कराने और आतंकवादी हमलों का भी मुद्दा उठाया।
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