ग्वालियर , फरवरी 10 -- मध्यप्रदेश के ग्वालियर में दवा कंपनी में कार्यरत एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को लोन दिलाने के नाम पर 2.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। खाते में लोन की राशि आने के बाद टॉपअप कराने के झांसे में आकर पीड़ित ने यह रकम ट्रांसफर की, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया। घटना 6 से 13 जनवरी के बीच की बताई जा रही है। पीड़ित की शिकायत पर मुरार पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार अवधेश शिवहरे पुत्र द्वारिका प्रसाद शिवहरे सीपी कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं और दवा कंपनी में एमआर के रूप में कार्यरत हैं। मकान निर्माण के लिए लोन की आवश्यकता होने पर उन्होंने गूगल पर लोन संबंधी जानकारी सर्च की, जहां से उन्हें एक मोबाइल नंबर मिला। उसी नंबर से एक व्यक्ति ने कॉल कर लोन दिलाने का भरोसा दिया। विश्वास में आकर अवधेश ने अपने दस्तावेज अज्ञात व्यक्ति को भेज दिए।

कुछ दिनों बाद अवधेश के खाते में 6 लाख 49 हजार रुपये की लोन राशि आ गई। इसके बाद अवधेश ने आरोपी को बताया कि उनके क्रेडिट कार्ड भी चल रहे हैं और वह लोन की राशि बढ़वाना चाहते हैं। आरोपी ने लोन टॉपअप कराने की बात कही और इसके बदले हिस्सेदारी मांगी। पहले लोन पास करा देने के कारण अवधेश ने भरोसा कर आरोपी के खाते में 2.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

राशि ट्रांसफर होने के बाद जब टॉपअप की रकम खाते में नहीं आई तो अवधेश ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा। कई बार प्रयास के बावजूद संपर्क नहीं होने पर पीड़ित ने मुरार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है और लेन-देन से जुड़े खातों व मोबाइल नंबर की जानकारी जुटाई जा रही है।

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