कोटपूतली , जनवरी 30 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राजस्थान की धरती को आस्था और वीरता दोनों की प्रतीक बताते हुए शुक्रवार को कहा कि हमारी लोक-परंपराओं और सनातन संस्कृति ने हर दौर में समाज को जोड़े रखा हैं।

श्री बिरला शुक्रवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिले में कोटपुतली के कुहाड़ा गांव में श्री छांपाला भैरूजी महाराज के विशाल लक्खी मेले एवं भंडारा कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भक्ति, आस्था और लोक-संस्कृति से जुड़ा यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध परंपराओं और सामाजिक समरसता का जीवंत स्वरूप है। श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति, कलश यात्रा, भजन-जागरण और विशाल महाप्रसादी यह स्पष्ट करते हैं कि ऐसे मेले केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं। उन्होंने कहा कि लोक देवताओं की आस्था आज भी जनमानस को दिशा और ऊर्जा देती है।

उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला सेवा, समानता और एकता का अनुपम उदाहरण है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी लोग एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। हजारों सेवादारों का निःस्वार्थ श्रम, सुव्यवस्थित भंडारा और दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भारत की सांस्कृतिक एकता को सजीव रूप में प्रस्तुत करते हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास से जुड़ी आवश्यकताओं और चुनौतियों के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

कार्यक्रम में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह, कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल, विराटनगर विधायक कुलदीप धनखड़, बानसूर विधायक देवी सिंह शेखावत तथा भाजपा महामंत्री भूपेंद्र सैनी, जिलाध्यक्ष सुरेश बादलीवाल, देवायुष सिंह, राजीव दत्ता, सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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