नयी दिल्ली , मार्च 25 -- भारत की समृद्ध लोक और आदिवासी संगीत परंपराओं को वैश्विक मंच पर पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को संस्कृति मंत्रालय और यूट्यूब के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ।

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवके अग्रवाल और यूट्यूब इंडिया की प्रबंध निदेशक गुंजन सोनी उपस्थित रहीं।

श्री शेखावत ने कहा कि भारत की विविध लोक परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन मंत्रालय की प्राथमिकता है। यूट्यूब के साथ यह सहयोग रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लोक कलाकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देश के कोने-कोने में मौजूद लोक कलाकारों तक पहुंच को आसान बनाना है, ताकि वे अपनी परंपराओं को बनाए रखते हुए आत्मनिर्भर बन सकें।

यूट्यूब इंडिया की प्रबंध निदेशक गुंजन सोनी ने कहा कि यह साझेदारी कलाकारों को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफल करियर बनाने में मदद करेगी। इस समझौते के तहत लोक, आदिवासी और पारंपरिक कलाकारों को डिजिटल कंटेंट निर्माण, चैनल प्रबंधन, कॉपीराइट, मॉनिटाइजेशन और दर्शकों की समझ से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, उन्हें आधुनिक उपकरण, बुनियादी ढांचा और संस्थागत सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम का संस्कृति मंत्रालय का नेतृत्व करेगा, जबकि एक संयुक्त कार्यबल इसके क्रियान्वयन और प्रभाव का आकलन करेगा। मंत्रालय के अंतर्गत चयनित संस्थानों के माध्यम से कलाकारों को प्रशिक्षण, रिकॉर्डिंग सुविधाएं और स्थानीय स्तर पर सहयोग दिया जाएगा।

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