बैतूल , दिसंबर 14 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में सुलह और समझौते के माध्यम से सैकड़ों प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। न्यायालय परिसर और ग्राउंड में पक्षकारों की उपस्थिति में आपसी सहमति से बिजली चोरी, बैंक ऋण, दीवानी एवं फौजदारी मामलों का निपटारा किया गया, जिससे वर्षों से लंबित मामलों में पक्षकारों को राहत मिली।
लोक अदालत की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि करीब डेढ़ वर्ष से अलग रह रहे तीन दंपती न्यायाधीशों की समझाइश के बाद पुनः एक हो गए। आपसी मतभेदों के चलते न्यायालय पहुंचे इन पारिवारिक प्रकरणों में सकारात्मक वातावरण और संवाद के माध्यम से टूटते रिश्ते फिर जुड़ गए।
एडीपीओ मालिनी देशराज और शुभांगी मंगल के अनुसार ताईखेड़ा निवासी देवेंद्र और गायत्री एक वर्ष से अलग रह रहे थे, जिन्होंने लोक अदालत में विवाद समाप्त कर साथ रहने का निर्णय लिया। इसी प्रकार डेढ़ वर्ष से अलग रह रही कंचन अपने पति धर्मराज के साथ घर लौटीं। दीपक सहित अन्य दंपतियों ने भी आपसी मनमुटाव दूर कर दांपत्य जीवन साथ निभाने का संकल्प लिया।
इन प्रकरणों में न्यायाधीश संजय पाटिल, श्वेता गौतम, संजय भलावी, अभिजीत वास्कले, सरिता डाबर सहित एडीपीओ ने मार्गदर्शन प्रदान किया। समझौते के बाद दंपतियों को पौधे भेंट किए गए और कुछ ने वरमाला पहनाकर नए सिरे से दांपत्य जीवन की शुरुआत का संकल्प लिया। यह दृश्य लोक अदालत में उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा।
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