बैतूल , मार्च 06 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई नगर में लगभग 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित संजीवनी क्लिनिक का लोकार्पण होने के चार माह बाद भी यह आम लोगों के लिए शुरू नहीं हो पाया है। भवन के मुख्य द्वार पर अब भी ताला लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को प्रस्तावित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार नगर में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से इस संजीवनी क्लिनिक का निर्माण कराया गया था। क्लिनिक तैयार होने के बाद इसका विधिवत लोकार्पण क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर देशमुख और नगरपालिका परिषद अध्यक्ष वर्षा गडेकर द्वारा किया गया था। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि क्लिनिक शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक उपचार की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।
हालांकि लोकार्पण के बाद भी क्लिनिक में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। बताया गया है कि भवन का संचालन प्रारंभ करने के लिए इसे औपचारिक रूप से स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया जाना आवश्यक है। नगर पालिका परिषद की ओर से इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्र भी भेजा गया था, लेकिन अब तक हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
हैंडओवर प्रक्रिया लंबित रहने के कारण क्लिनिक में न तो डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति हो सकी है और न ही उपचार सेवाएं शुरू की जा सकी हैं। इसके चलते नगरवासियों में निराशा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए संजीवनी क्लिनिक जल्द शुरू किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि क्लिनिक चालू होने से लोगों को छोटी बीमारियों के उपचार के लिए दूर स्थित अस्पतालों तक नहीं जाना पड़ेगा और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
इस संबंध में नगरपालिका परिषद मुलताई के मुख्य नगरपालिका अधिकारी विरेन्द्र तिवारी ने बताया कि क्लिनिक भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने के लिए पहले भी पत्राचार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक बार फिर विभाग को पत्र भेजा जा रहा है, ताकि औपचारिकताएं पूरी होते ही क्लिनिक में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जा सकें।
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