नैनीताल , मार्च 18 -- उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार को वर्तमान स्थिति से स्पष्ट करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
हल्द्वानी के गौलापार निवासी शंकर जोशी की ओर से दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में बुधवार 18 मार्च को सुनवाई हुई। आदेश की प्रति आज मिली।
अदालत ने कहा कि लोकायुक्त नियुक्ति को लेकर कानून का पालन नहीं हो रहा जबकि लोकायुक्त आफिस पर भारी खर्च किया जा रहा है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पूर्व में भी कई बार राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया, लेकिन सरकार की ओर से हर बार समय ही मांगा गया। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि राज्य सरकार ने अपने शपथ पत्र 25 जून 2025 के शपथ पत्र में कहा था कि लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बावजूद इसके अभी तक नियुक्ति पूरी नहीं हो सकी है।
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