रायपुर , फरवरी 27 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन राजधानी रायपुर में राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटे 120 पूर्व नक्सलियों ने आज विधानसभा परिसर का भ्रमण किया और सदन की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा से देखा।
विधानसभा पहुंचे पुनर्वासित समूह में 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल थीं। अधिकारियों के अनुसार अब तक लगभग 2500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था को नजदीक से देखने और समझने के उद्देश्य से यह विशेष भ्रमण आयोजित किया गया था।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुनर्वासित नागरिकों से मुलाकात कर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतंत्र और संविधान में विश्वास जताना प्रदेश के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को इसका प्रमुख कारण बताया और कहा कि सरकार ऐसे सभी लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है जो शांति और विकास की राह चुन रहे हैं।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसे सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि,"लोकतांत्रिक मूल्यों को स्वीकार करने वालों का राज्य सरकार स्वागत करती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुनर्वासित लोगों के समुचित पुनर्स्थापन और आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास जारी रहेंगे।"इस दौरान पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित मंत्रिमंडल के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री ने कहा "केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पुनर्वास और विकास की प्रक्रिया को और गति दी जाएगी।"विधानसभा परिसर से सामने आई यह तस्वीर इस बात का संकेत है कि हिंसा छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताने वालों के लिए शासन-प्रशासन के द्वार खुले हैं और उन्हें सम्मानपूर्वक मुख्यधारा में स्थान देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
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