रायपुर , जनवरी 25 -- छत्तीसगढ़ के रायपुर में रविवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित विवेकानंद सभागार में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति इंदर सिंह उबोवेजा, प्रमुख लोकायुक्त, छत्तीसगढ़ लोक आयोग द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित मतदाता जागरूकता प्रदर्शनी का उद्घाटन कर उसका अवलोकन भी किया।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति इंदर सिंह उबोवेजा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता दिवस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अपने मताधिकार के प्रयोग हेतु जागरूक एवं प्रेरित करना है।उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। इसी उद्देश्य से आज ही के दिन निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई थी।
न्यायमूर्ति उबोवेजा ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, मतदान एक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य दोनों है। मतदान के माध्यम से हम अपने देश के भविष्य को आकार देते हैं और विकास की दिशा को तय करते है। इसलिए सभी नागरिकों को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए और देश के समग्र विकास में योगदान देना चाहिए। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रत्येक मतदाता का मत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की जितनी अधिक भागीदारी सुनिश्चित होती है, लोकतंत्र उतना ही अधिक सशक्त, समावेशी एवं प्रभावी बनता है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारे 16 वे राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम मेरा भारत, मेरा वोट" निर्धारित की गई है, जबकि इसकी टैगलाइन "भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक" रखी गई है।
सीईओ कुमार ने कहा कि "मेरा भारत, मेरा वोट" थीम यह संदेश देती है कि लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करती है। प्रत्येक मतदाता का वोट देश के विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है। वहीं, टैगलाइन "भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक" यह दर्शाती है कि निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं पारदर्शी चुनावों की पूरी प्रक्रिया नागरिकों के विश्वास और सहभागिता पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एक महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे तथा कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में पंजीकृत न रहे।
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