नयी दिल्ली , जनवरी 07 -- भारत इस माह नयी दिल्ली में आ रहे 44 से अधिक देशों के चुनाव निकायों के अधिकारियों के सामने मतदाताओं के पंजीकरण , मतदाता सूचियों के शुद्धीकरण , इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के प्रयोग और चुनाव के दौरान आदर्श संहिता तथा कानून व्यवस्था के प्रवर्तन जैसे कम से कम 25 चुनाव संबंधी विषयों पर संबंधी अपनी मानक पद्धतियों और प्रणालियों पर प्रस्तुतियां देगा।
भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) की मेजबानी और अध्यक्षता में नयी दिल्ली के भारत मंडपम में 21-23 जनवरी तक आयोजित किये जा रहे ' लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन पर भारत का अंतराष्ट्रीय सम्मेलन - 2026 ' सम्मेलन में उपरोक्त विषयों पर भारत की ओर से अधिकांश प्रस्तुतियां विभिन्न प्रदेशों और केंद्र शासित क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा दी जाएंगी।
'लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन पर भारतीय अंतरराष्ट्रीय संस्थान (आईआईआईडीईएम) के महानिदेशक राकेश वर्मा ने बुधवार को यहां इस सम्मेलन का लोगो जारी करते हुए संस्थान के प्रेक्षागार में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।
श्री वर्मा ने बताया कि विश्व स्तर पर लोकतांत्रिक प्रणालियों की सहायता के लिए काम करने वाले वैश्विक अंतर सरकारी संगठन 'इंटरनेशनल आइडिया' के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में अमेरिका, मॉरीशस, ब्राजील सहित 44 से अधिक देशों के निर्वाचन प्रबंधन निकायों और संगठनों के 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा कई देशों के दिल्ली स्थिति राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधियों के भी सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। यह सम्मेलन ऐसे समय भारत में हो रहा है जबकि भारत के मुख्य चुनाव चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इंटरनेशनल आइडिया के 2026 के लिए अध्यक्ष चुने गये हैं।
श्री कुमार निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय निकायों के प्रमुखों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ 40 से ज़्यादा द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
सम्मेलन का मुख्य विषय है- 'समावेशी, शांतिपूर्ण, सशक्त और विश्वसनीय विश्व के लिए लोकतंत्र।' सम्मेलन की चर्चाओं को दो मुख्य भागों पर केंद्रित करने की योजना है जिसमें एक भाग 'भविष्य के लिए लोकतंत्र की पुनर्कल्पना' तथा दूसरा भाग 'विश्वसनीय लोकतंत्र के लिए पेशेवर और स्वतंत्र निर्वाचन प्रबंधन निकायों की अनिवार्यता' पर केंद्रित होगा। श्री वर्मा ने बताया कि भविष्य के लोकतंत्र की पुनर्कल्पना विषय पर चर्चाएं तकनीकी बदलावों और एक दूसरे के अनुभवों के आधार पर चुनाव और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने पर केंद्रित होंगी।
इन तीन दिनों में उद्घाटन सत्र के अलावा , निर्वाचन प्रबंध निकायों के प्रमुखों का पूर्ण अधिवेशन, इन निकायों के कार्य समूहों की बैठक तथा चुनाव योग के डिजिटल प्लेटफार्म - ईसीआईनेट का शुभारंभ किया जाएगा। सत्र के दौरान वैश्विक विषयों पर सात सत्र आयोजित किये जाएंगे। इसके अलावा चुनाव के आदर्श अंतरराष्ट्रीय मानकों तथा निर्वाचन प्रक्रियाओं में 25 सर्वोत्तम परिपाटियाें और नवाचारों पर चर्चाएं आयोजित की जाएंगी।
भारत की ओर से चुनाव में सर्वोत्तम परिपाटियां और नवाचारों के विषय पर चर्चा 25 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अपनी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इन प्रस्तुतियों में मतदाता की पात्रता , मतदाता पंजीकरण में आसानी, मतदाता पंजीकरण में राजनीतिक भागीदारी में आसानी, मतदाता सूची की शुद्धता, प्रौद्योगिकी आधारित मतदाता पंजीकरण, मतदाता पंजीकरण में शिकायत का निवारण, राजनीति दलों का विनियमन, प्रचार के लिए आदर्श चुनाव संहिता, चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था का प्रबंध, ईवीएम, डाक मत, चुनाव के दौरान मिथ्या और भ्रामक सूचनाओं से निपटना, चुनाव नियोजन, मतगणना की मजबूत प्रक्रिया, विविधता के बीच सह-अस्तित्व के लिए लोकतंत्र , स्वस्थ विकास के लक्ष्य साधने के लिए लोकतंत्र, सीमांत लोगों को अधिकार सम्पन्न बनाने में लोकतंत्र और इस तरह के अन्य विषय शामिल किये गये हैं।
सम्मेलन में देश के चार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, छह प्रबंधन संस्थान, 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और भारतीय जन संचार संस्थान समेत बड़े अकादमिक संस्थान भी हिस्सा लेंगे।
श्री वर्मा ने बताया कि सम्मेलन की चर्चाओं के आधार पर निर्वाचन प्रबंधन निकायों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार करने, इन निकायों के सामने उठने वाली वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के बारे में साझा सोच विकसित करने , सर्वाेत्तम पद्धतियों और नवाचारों को एक दूसरे के साथ साझा करने और मिलकर समाधान निकालने के बारे में विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें तैयार की जाएगी।
संवाददाता सम्मेलन के बाद मीडियाकर्मियों को नयी दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में पांच एकड़ क्षेत्र में बने आईआईआईडीईएम के परिसर का भ्रमण कराया गया। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव विषयक राष्ट्रीय, अंतरर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण, अध्ययन, कार्य-शालाओं और सम्मेलनों के लिए स्थापित यह परिसर आवासीय है जिसमें आठ एक्सक्युटिव सुविधाओं सहित 150 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। यह परिसर चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को मज़बूत करने के लिए दुनिया के अपने तरह के सबसे बड़े संस्थानों में गिना जाने लगा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित