श्रीगंगानगर , जनवरी 02 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में कुख्यात सरगना लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी आरजू बिश्नोई गिरोह से जुड़े एक बड़े रंगदारी मामले में पुलिस ने शुक्रवार को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

यह कार्रवाई गुजरात के एक व्यक्ति से वसूली गयी करीब एक करोड़ रुपये की रंगदारी राशि को इधर-उधर करने के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस का दावा है कि इन गिरफ्तारियों से लॉरेंस और आरजू बिश्नोई के राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में फैले रंगदारी वितरण नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले हफ्ते गुजरात के एक व्यक्ति से वसूली गयी एक करोड़ रुपये की रंगदारी राशि जोधपुर पहुंचायी गयी थी। इस राशि को आगे ले जाने और खपाने के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस ने पहले 29-30 दिसंबर की रात को जोधपुर से रायसिंहनगर लौटते हुए तीन व्यक्तियों कुलदीप, रामस्वरूप और अमन को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 90 लाख 84 हजार 900 रुपये बरामद हुए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शेष राशि लगभग नौ लाख रुपये जोधपुर में एक व्यक्ति ने अपने हिस्से के रूप में रख ली थी।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आज आरोपी जयमल (42), जयपाल (45), मनीष (33), घनश्याम (29) और बलविंदर सिंह उर्फ विनोद को गिरफ्तार किया गया। जयपाल इस नेटवर्क का प्रमुख कड़ी था। गुजरात से वसूली गयी रंगदारी राशि किसी व्यक्ति द्वारा जोधपुर में जयपाल के पास पहुंचाई गयी थी। जयपाल ने इस राशि को ले जाने के लिए योगेश को बुलाया, जिसने अपने पिता कुलदीप को जोधपुर भेजा। कुलदीप ने साथ में रायसिंहनगर निवासी रामस्वरूप, अमन और सूरतगढ़ निवासी घनश्याम को लिया। ये सभी 29-30 दिसंबर की रात जोधपुर से रकम लेकर वापस लौटे। वापसी में घनश्याम को सूरतगढ़ में उसके घर छोड़ दिया गया, जबकि बाकी तीन श्रीविजयनगर-रायसिंहनगर मार्ग पर पुलिस की घेराबंदी में फंस गए। पुलिस ने बताया कि जयपाल ने राशि का एक हिस्सा करीब नौ लाख रुपये अपने पास रख लिया था। अब जयपाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस शेष राशि को बरामद करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने बताया कि कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी से गिरोह के क्षेत्रीय अभियानों पर बड़ा असर पड़ेगा।

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