श्रीगंगानगर , दिसम्बर 31 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर थाना क्षेत्र में 28-29 दिसंबर की रात को एक कार में तीन युवकों के करीब 91 लाख रुपये की नगद राशि सहित पकड़े जाने का मामला सामने आया है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया कि यह राशि लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी आरजू बिश्नोई द्वारा किसी व्यक्ति को धमकाकर वसूली गई रंगदारी का हिस्सा थी। यह रकम श्रीगंगानगर के मूल निवासी और फिलहाल जोधपुर में रहने वाले जयपाल जांदू के पास पहुंचाई गई थी, जहां से तीन व्यक्ति इसे लेकर रायसिंहनगर आ रहे थे।

उन्हाेंने बताया कि जयपाल जांदू को कुल एक करोड़ रुपये की वसूली राशि मिली थी, जिसमें से उसने करीब नौ लाख रुपये अपने हिस्से के रख लिए थे। तीन दिनों की गहन जांच-पड़ताल के बाद यह सामने आया कि यह पूरा मामला सरगनाओं द्वारा डराकर वसूली गई रकम को आगे मददगारों तक पहुंचाने या क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से जुड़ा है। इस संबंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य और सुराग मिलने के बाद, पकड़े गए तीन आरोपियों सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ रायसिंहनगर थाना में कल देर रात मामला दर्ज किया गया है।

रायसिंहनगर पुलिस ने 28-29 दिसम्बर की रात कुलदीप (50), अमन (20) और रामस्वरूप (38) को करीब 91 लाख की रकम कार में ले जाते पकड़ा था। तब इन तीनों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया, जबकि रकम को धारा 106 के तहत जब्त किया गया। इसकी जानकारी आयकर विभाग को भी दी गई। अब कल रात दर्ज की गयी प्राथमिकी के बाद उक्त तीनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा कुलदीप के पुत्र योगेश को भी गिरफ्तार किया गया है।

डा़ॅ दुहन ने बताया कि इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गिरोह के सदस्य साहिल बिश्नोई उर्फ शंटी, अक्षय, बलजिंदर उर्फ विनोद भादू, जयपाल जांदू, जयमल जांदू, मनीष बिश्नोई, घनश्याम बिश्नोई, मनीष शर्मा सहित कई अन्य लोग शामिल हैं। ये लोग गिरोह द्वारा वसूली गई रंगदारी की रकम को मददगारों तक पहुंचाने या क्रिप्टोकरेंसी में खपाने का काम करते हैं। जोधपुर में जयपाल जांदू को भी हिरासत में ले लिया गया है। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य कुछ लोगों को भी हिरासत में लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।

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