तेहरान , अप्रैल 09 -- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने गुरुवार को कहा कि लेबनान पर इजरायल के हमले एक 'खतरनाक संकेत' हैं तथा युद्धविराम समझौते का घोर उल्लंघन है और इस तरह की कार्रवाइयां बातचीत की प्रक्रिया को अर्थहीन बना देती हैं।
श्री पेजेशक्यान ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "इजरायल की बार-बार की आक्रामकता मूल युद्धविराम समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है। यह एक जाल और संभावित समझौतों के पालन न करने का खतरनाक संकेत है। इन कार्रवाइयों को जारी रखना बातचीत को निरर्थक बना देगा।" उन्होंने कहा कि लेबनान पर इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान का 'हाथ ट्रिगर पर है।'ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान लेबनान में इजरायल के घातक हमलों के बाद आया है, जिससे अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
इस बीच, विश्व नेताओं ने भी इन हमलों की निंदा की है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सैकड़ों लोग मारे गए हैं। यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने भी इन हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि ये आत्मरक्षा के अधिकार से कहीं अधिक हैं और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को खतरे में डालते हैं।
सुश्री कलास ने 'एक्स' पर लिखा, "हिजबुल्लाह ने लेबनान को युद्ध में घसीटा, लेकिन इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का मतलब इतने बड़े पैमाने पर विनाश करना नहीं है। कल रात इजरायली हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए, जिससे यह तर्क देना मुश्किल है कि ऐसी भारी कार्रवाई आत्मरक्षा के दायरे में आती है।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ हुआ युद्धविराम लेबनान तक विस्तारित होना चाहिए और हिजबुल्लाह को हथियार डाल देना चाहिए।
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