जयपुर , नवम्बर 12 -- राजस्थान में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ एवं जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सदर्न कमान ने थार मरुस्थल में आयोजितत्रि-सेवा अभ्यास 'त्रिशूल' के तहत संचालित अभ्यास 'मरुज्वाला' के दौरान सुदर्शन चक्र कोर एवं शहबाज़ डिवीजन की परिचालनिक तत्परता की समीक्षा की। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को बताया कि यह अभ्यास नवीन रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं की पुष्टि का प्रतीक रहा, जिसमें नयी पीढ़ी के स्वदेशी उपकरणों, ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों को सम्मिलित किया गया। इस दौरान मरुस्थलीय क्षेत्र में वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों में सभी वर्ग के हथियारों द्वारा युद्धाभ्यास किया गया, जिसमें मैकेनाइज़्ड एवं इन्फैंट्री कॉलम्स, थार रैप्टर्स की एविएशन संपत्तियां और भारतीय वायु सेना की सक्रिय भागीदारी रही।
सूत्रों ने बताया कि आर्मी कमांडर ने अभ्यास में भाग लेने वाले सैनिकों से संवाद किया और सुदर्शन चक्र कोर, सदर्न कमान, एयरबोर्न फोर्सेस एवं भारतीय वायुसेना की सभी टुकड़ियों और इकाइयों के उत्कृष्ट व्यावसायिक कौशल, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता एवं परिचालन दक्षता की सराहना की।
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