नयी दिल्ली , मार्च 10 -- दिल्ली की एक अदालत ने केंद्रीय टर्मिनल बस स्टैंड के पास मोबाइल फोन लूटने और ब्लेड से हमला करने के जुर्म में दो व्यक्तियों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने मोहम्मद अजीम उर्फ अजीम और अमन उर्फ अम्मू को लूटपाट के दौरान हमला करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 394 (धारा 34 के साथ पठित) के तहत दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 13 जून, 2023 को शाम शिकायतकर्ता अमित कुमार यादव और उनके रिश्तेदार रामजी यादव पंडित पंत मार्ग केंद्रीय टर्मिनल पर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान स्कूटी पर सवार दो लोग एक महिला के पास बंगला साहिब गुरुद्वारे का रास्ता पूछने के लिए रुके। उसी समय रामजी यादव के पास एक फोन कॉल आया और उन्होंने बात करना शुरू किया, तो स्कूटी पर पीछे बैठे व्यक्ति ने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन छीन लिया।
रामजी यादव ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए स्कूटी चालक का हाथ पकड़ लिया, जिसके बाद चालक ने पीछे बैठे व्यक्ति से उन्हें ब्लेड मारने को कहा। पीछे बैठे व्यक्ति ने फिर रामजी यादव की गर्दन पर तेज ब्लेड से वार किया, जिससे वह गिर गए। दोनों आरोपी फोन लेकर गोल डाकखाना की ओर भाग निकले।
अदालत ने सात मार्च, 2026 को दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सात साल के कठोर कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
दोषी अजीम को चोरी की संपत्ति रखने के लिए दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 103 के तहत तीन महीने के साधारण कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई गई। जुर्माना न भरने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा।
अदालत ने दोनों दोषियों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 का लाभ दिया, जिसके तहत जांच और मुकदमे के दौरान पहले से काटी गई हिरासत की अवधि को उनकी कुल सजा में से घटा दिया जाएगा।
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