पटना , नवंबर 18 -- बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता तथा पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने मंगलवार को कटाक्ष करते हुये कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव घृतराष्ट्र की तरह अपनी जिंदगी में हीं पार्टी और परिवार को समाप्त होते देख रहे हैं।
श्री पटेल ने बयान जारी कर कहा कि श्री लालू ,सब कुछ जानते हुए भी मौन हैं, सब कुछ समझते हुए भीकदम उठाने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि श्री यादव अपनी ही आंखों के सामने पार्टी की गिरती साख,परिवार में बढ़ती दरारें और जनता के बीच घटती विश्वसनीयता को देख रहे हैं, फिर भी वह अपने पुत्र तेजस्वी यादव के मोहपाश से स्वयं को मुक्त नहीं कर पा रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजद लगातार पराजयों, संगठनात्मक कमजोरी और नेतृत्वहीनता की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसके मूल कारणों पर कभी गंभीर चिंतन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी, लगातार परिवारवाद पर टिका नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा ने राजद को गहरे संकट में धकेल दिया है।सबसे महत्वपूर्ण यह है कि लगातार चुनावी हार और जनसमर्थन में गिरावट के बावजूद लालू प्रसाद यादव अभी भी सारी राजनीतिक उम्मीदें तेजस्वी यादव पर टिकाए हुए हैं।
श्री पटेल ने कहा कि तेजस्वी की राजनीतिक अपरिपक्वता, अनुभवहीनता और गलत रणनीतियों ने पार्टी की स्थिति को और अधिक कमजोर किया है। इसके बावजूद लालू यादव की भूमिका केवल एक "मूक दर्शक" बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि पूरा परिवार अंतर्कलह का शिकार है, नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं, और कार्यकर्ता दिशाहीन हैं। लेकिन लालू प्रसाद यादव पार्टी में कठोर राजनीतिक सर्जरी करने के बजाय पुत्र मोह में बंधे हुए हैं और दल और परिवार को टूटता देख कर भी हस्तक्षेप नहीं कर रहे।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बिहार की जनता समझ चुकी है कि राजद में अब न तो विजन है, न नेतृत्व, और न ही संगठनात्मक क्षमता। ऐसे समय में जब पार्टी को मजबूत नेतृत्व, राजनीतिक स्पष्टता और जिम्मेदारी की आवश्यकता है, लालू-तेजस्वी की जोड़ी केवल भ्रम और भ्रष्टाचार का प्रतीक बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका अदा करने के लायक भी नहीं रहे। राजद का भविष्य इसी घृतराष्ट्र प्रवृत्ति से जकड़ा हुआ है,जहां सब कुछ बिखर रहा है, लेकिन नेतृत्व केवल देखने में व्यस्त है। बिहार की जनता अब ऐसे परिवारवादी नेतृत्व को नकार चुकी है और राज्य के विकास के लिए स्थिर और जवाबदेह नेतृत्व को चुन रही है।
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