रायपुर , फरवरी 28 -- छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर के लालपुर क्षेत्र में नगर निगम ने शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ शनिवार को व्यापक कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में संचालित इस अभियान के तहत निजी दुकानों और एक बहुमंजिला भवन के अवैध हिस्सों को तोड़ा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित भूखंड पर करीब नौ से 10 निजी दुकानें संचालित हो रही थीं। इसके साथ ही परिसर के पीछे बहुमंजिला ढांचा खड़ा कर उसमें पीजी (पेइंग गेस्ट) सुविधा भी चलाई जा रही थी। शिकायतों के बाद नगर निगम ने राजस्व विभाग के साथ संयुक्त जांच की, जिसमें निर्माण को शासकीय भूमि पर अवैध पाया गया। इसके बाद विधिवत नोटिस जारी कर परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए थे।
कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। नगर निगम का उड़नदस्ता दल और सभी 10 जोन की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। निगम कर्मचारियों ने पहले भवन को खाली कराया, फिर अवैध हिस्सों को मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया।
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। शहर में जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण पाए जाएंगे, वहां इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ नागरिकों ने इसे कानून व्यवस्था और शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए आवश्यक कदम बताया, वहीं प्रभावित व्यापारियों और निवासियों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
नायब तहसीलदार ज्योति सिंह ने बताया कि यह मामला लंबे समय से लंबित था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासकीय भूमि पर व्यवसायिक परिसर विकसित किया गया था। परिसर के सामने 10 से अधिक दुकानें संचालित थीं, जबकि पीछे की ओर लगभग 70 से अधिक कमरे निर्मित थे। सभी निर्माण शासकीय भूमि पर होने की पुष्टि के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने दोहराया है कि भविष्य में भी अतिक्रमण के विरुद्ध इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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