चंडीगढ़ , जनवरी 02 -- हरियाणा में सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने राज्य सरकार पर लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना को भाजपा सरकार ने शर्तों और अंकों के जाल में फंसा दिया है, जो बेहद निंदनीय और शर्मनाक है।

कुमारी सैलजा ने जारी बयान में कहा कि सरकार अपने ही संकल्प से मुकर गई है। जिन महिलाओं को बिना किसी भेदभाव के आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए थी, आज उनसे उनके बच्चों के नंबर पूछे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब मां की योग्यता उसके बच्चे के रिपोर्ट कार्ड से तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि 2100 रुपये की मामूली सहायता के लिए 80 प्रतिशत अंकों की शर्त लगाना गरीब, मजदूर और ग्रामीण महिलाओं के साथ सीधा अन्याय है। यह नीति महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि महिलाओं को अपमानित करने वाली सोच को दर्शाती है। सरकार यह भूल गई है कि हर मां के हालात समान नहीं होते। संसाधनों की कमी, सरकारी स्कूलों की स्थिति और सामाजिक परिस्थितियों में पढ़ने वाले बच्चों से ऐसे परिणाम की अपेक्षा करना अमानवीय है।

कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ सभी बीपीएल परिवारों की महिलाओं को बिना किसी शर्त के मिलना चाहिए। अंकों और नियमों के जरिए महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित करना गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार महिलाओं के साथ इसी प्रकार का व्यवहार करती रही, तो कांग्रेस पार्टी महिलाओं के हक की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।

उन्होंने कहा कि महिला सम्मान कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका अधिकार है और इस अधिकार से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा।

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