भरतपुर , अक्टूबर 28 -- राजस्थान में भरतपुर सम्भाग में मंगलवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के बीच जारी रिमझिम बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गयी हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बारिश से सरसों और चने की बुवाई शुरू होने से पहले खेतों में कटी और खलिहानों में रखी बाजरा एवं अन्य फसल बारिश से भीगने लगी हैं। इससे अनाज के खराब होने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने की भी जानकारी मिली है, जिससे अगली फसल की तैयारी में बाधा आ सकती है।

सूत्रों ने बताया कि बेमौसम की इस बारिश की वजह से तापमान में आयी गिरावट के बीच ठंडी हवाओं ने लोगों को अक्टूबर में ही ठंड का एहसास करा दिया है। स्कूल जाने वाले बच्चे छाता थामे नजर आये, तो वहीं दफ्तर और बाजारों की ओर निकलने वाले लोग गर्म कपड़े पहनने के लिए मजबूर हो गये।

कृषि के जानकारों के अनुसार जिन किसानों ने एक महीने पहले सरसों बो दी थी, उन्हें यह बारिश फायदेमंद साबित होगी। ऐसे किसान, जिन्होंने हाल ही में सरसों बोई है उन्हें नुकसान हो सकता है।

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