सुकमा , अप्रैल 03 -- त्तीसगढ़ में सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ ग्राम लखापाल में पेयजल समस्या के समाधान के बाद ग्रामीणों को राहत मिली है। लंबे समय तक जल संकट और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे इस गांव में अब घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिला पीआरओ ने शुक्रवार को बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 88 किलोमीटर दूर स्थित लखापाल में पहले 117 परिवार पेयजल के लिए बोरिंग, कुओं और एक नाले पर निर्भर थे। गर्मी के दौरान जलस्तर गिरने से स्थिति और गंभीर हो जाती थी, जिससे ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था। इस कारण समय और श्रम की हानि के साथ जलजनित बीमारियों का जोखिम भी बना रहता था।

जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायत लखापाल में 72.01 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना का क्रियान्वयन किया गया। योजना के अंतर्गत चार सोलर पंप आधारित टंकियां स्थापित की गईं और 117 घरेलू नल कनेक्शन दिए गए। गांव की कुल आबादी 465 है और अब सभी परिवारों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, नल कनेक्शन मिलने से दैनिक जीवन में सुविधा हुई है और पानी लाने में लगने वाला समय बचा है। महिलाओं को विशेष रूप से राहत मिली है, जिन्हें पहले लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता था। स्वच्छ पानी की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आने की भी जानकारी मिली है।

पेयजल सुविधा मिलने के बाद गांव में सब्जी उत्पादन जैसी गतिविधियां भी बढ़ी हैं। ग्रामीण अपने घरों के आसपास टमाटर, मिर्ची और अन्य सब्जियां उगा रहे हैं, जिससे घरेलू उपयोग के साथ अतिरिक्त खर्च में कमी आई है।

जिला प्रशासन के अनुसार, दूरस्थ और पूर्व में प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तरह की योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। लखापाल में पेयजल व्यवस्था शुरू होने के बाद ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है और जीवन स्तर में सुधार देखा जा रहा है।

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