लखनऊ , जनवरी 08 -- स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना केवल आंकड़ों का लक्ष्य नहीं, बल्कि ऐसा विकास है जिसका लाभ आम नागरिक की दैनिक जिंदगी में दिखाई दे।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में किए गए प्रशासनिक और नीतिगत सुधारों का असर अब आर्थिक गतिविधियों में स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है। गुरुवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया शोधपीठ एवं समाजशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को डी.पी. मुखर्जी सभागार में "उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था: राज्य जीडीपी का लक्ष्य" विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

मुख्य वक्ता मनोज कुमार सिंह ने अर्थव्यवस्था के प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की। कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश की कृषि व्यवस्था में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है और प्रदेश में कृषि क्षेत्र की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। निर्यात को बढ़ावा, मौसम आधारित पूर्वानुमान और उत्पादों के उचित मूल्य निर्धारण को कृषि को लाभकारी बनाने की प्रमुख रणनीति बताया गया।

द्वितीयक क्षेत्र यानी विनिर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इन्वेस्टमेंट समिट, कौशल विकास कार्यक्रम और एमएसएमई को सहयोग देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 90 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो आर्थिक मजबूती की आधारशिला हैं।

तृतीयक क्षेत्र में पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य को विकास का मजबूत स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में किए जा रहे सुधार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे। विशिष्ट अतिथि प्रो. अरविंद मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के लिए निवेश, महिला सहभागिता और दूसरे चरण के आर्थिक सुधारों पर विशेष ध्यान देना होगा।

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