लखनऊ , जनवरी 15 -- मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को अपनी स्थापना की 151वीं वर्षगाँठ उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत देश के सबसे पुराने विभागों में शामिल आईएमडी के स्थापना दिवस पर लखनऊ स्थित प्रादेशिक मुख्यालय मौसम केंद्र आमजन, विद्यार्थियों, शैक्षणिक संस्थानों तथा प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए विशेष रूप से खुला रहा।
स्थापना दिवस समारोह के दौरान मौसम केंद्र में मौसम पूर्वानुमान के लिए इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंचे। विभागीय वैज्ञानिकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों को केंद्र द्वारा प्रदान की जाने वाली मौसम सेवाओं, चेतावनी प्रणालियों और पूर्वानुमान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मौसम की सटीक जानकारी से न सिर्फ दैनिक जीवन में सुविधा मिलती है, बल्कि कृषि, आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा के क्षेत्र में भी इसका बड़ा महत्व है।
समारोह में केंद्र प्रमुख डॉ. एम. आर. रानालकर ने विभागीय हिंदी पत्रिका "क्षितिज" के द्वितीय संकरण का विमोचन किया। इसे विभाग के ज्ञान-विस्तार और जन-जागरूकता प्रयासों का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया गया। इसी क्रम में मुख्य कार्यक्रम मौसम भवन, नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जहां मुख्य अतिथि डॉ. जितेन्द्र सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार ने कृषि हित में दो नई पहल-कल्प और संकल्प का अनावरण किया। ये कार्यक्रम स्थान-विशिष्ट मौसम पूर्वानुमान पर आधारित कृषि सलाह और कृषि-मौसम विश्लेषण को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।
समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न उप कार्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जीशान हाशमी (बमरौली-प्रयागराज), शैलेन्द्र कुमार सिंह (बहराइच) तथा अंकित जैन (अयोध्या) को सम्मानित किया गया।
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