हरिद्वार , फरवरी 06 -- उत्तराखंड में हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में पशु टीकाकरण के नाम पर लाखों रुपये के फर्जीवाड़े का मामला आरटीआई के माध्यम से सामने आया। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जानकारी शुक्रवार को सीधे पशुपालन विभाग मंत्री सौरभ बहुगुणा को दी, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया।

अपर निदेशक पशुपालन विभाग भूपेन्दर सिंह जंगपांगी खुद लक्सर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। पूर्ण गांव निवासी एडवोकेट विनीत चौधरी ने आरटीआई के माध्यम से टीकाकरण से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। विभाग ने जानकारी देने में देरी की। जब शिकायत मंत्री तक पहुंची, तब जाकर दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। जांच में कई ऐसे नाम सामने आए जो गांव के निवासी ही नहीं थे। कुछ मामलों में एक ही मोबाइल नंबर पर कई नामों से वैक्सीनेशन दिखाया गया, और कुछ नामों पर तो पशुपालन का कोई अस्तित्व ही नहीं था। शिकायतकर्ता के अनुसार, अकेले भुरना गांव में ही लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ।

जांच में सामने आया कि टीकाकरण कार्य के लिए जिन व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी गई थी, उन्हें चार हजार से अधिक वैक्सीन दी गई थीं। सरकार द्वारा प्रति वैक्सीन पांच रुपये का भुगतान किया जाना था, जिसे ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया। अपर निदेशक ने कहा कि देखरेख और निगरानी उनकी जिम्मेदारी है, और मामले की हर बिंदु पर गंभीरता से जांच की जाएगी।

इस घोटाले ने न सिर्फ विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की सच्चाई भी उजागर की है।

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